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An Indian Tribute to...
An Indian Tribute to Imagine Dragons’ Believer:
(Faded - Alan Walker) Indian Version (DHOL-TASHA)-I
(Faded - Alan Walker) Indian Version (DHOL-TASHA)-II
November 30, 2019
September 29, 2019
September 1, 2019
August 2, 2019
June 30, 2019
Best Letter !
This Is Letter From Ganashyam Das Ji Birla To His Son
For This Letter's Video, Click Here
चि. बसंत.....
धन का मौज-शौक में कभी उपयोग न करना, ऐसा नहीं की धन सदा रहेगा ही,
धन शक्ति है, इस शक्तिके नशे में किसी के साथ अन्याय हो जाना संभव है, इसका ध्यान रखो की
ऐसे नालायकों को धन कभी न देना, उनके हाथ में जाये उससे पहले ही जनकल्याण के
हम भाइयों ने अपार मेहनत से व्यापार को बढ़ाया है यह समझकर कि वे लोग धन का सदुपयोग
नित्य नियम से व्यायाम-योग करना। स्वास्थ्य ही सबसे बडी सम्पदा है।
भोजन को दवा समझकर खाना। स्वाद के वश होकर खाते मत रहना।
मैने देखा है की For Those Who want to translate use:
Google Translate
घनश्यामदास जी बिरला का अपने बेटे के नाम लिखा हुवा पत्र इतिहास के सर्वश्रेष्ठ पत्रों में से एक माना जाता है ।
विश्व में जो दो सबसे सुप्रसिद्ध और आदर्श पत्र माने गए है उनमें से यह एक है ।
यह जो लिखता हूँ उसे बड़े होकर और बुढ़े होकर भी पढ़ना, अपने अनुभव की बात कहता हूँ।
संसार में मनुष्य जन्म दुर्लभ है और मनुष्य जन्म पाकर जिसने शरीर का दुरुपयोग किया, वह पशु है।
तुम्हारे पास धन ,तन्दुरुस्ती है, अच्छे साधन हैं उनको सेवा के लिए उपयोग किया, तब तो साधन सफल है
अन्यथा वे शैतान के औजार हैं। तुम इन बातों को ध्य़ान में रखना।
इसलिये जितने दिन पास में है उसका उपयोग सेवा के लिए करो, अपने ऊपर कम से कम खर्च करो,
बाकी जनकल्याण और दुखियों क दुख दूर करने में व्यय करो।
अपने धन के ऊपयोग से किसी पर अन्याय ना हो।अपनी संतान के लिए भी यही उपदेश छोड़कर जाओ।
यदि बच्चे मौज-शौक, ऐश-आराम वाले होंगे तो पाप करेंगे और हमारे व्यापार को चौपट करेंगे।
किसी काम में लगा देना या गरिबों में बाँट देना। तुम उसे अपने मन के अंधेपन से संतान के मोह में स्वार्थ के लिए
ऊपयोग नहीं कर सकते।
करेंगे। भगवान को कभी न भूलना, वह अच्छी बुद्धि देता है, इन्द्रियों पर काबू रखना, वरना यह तुम्हे डुबो देगी।
स्वास्थ्य से कार्य में कुशलता आती है, कुशलता से कार्यसिद्धि और कार्यसिद्धि से समृद्धि आती है।
सुख-समृद्धि के लिये स्वास्थ्य ही पहली शर्त है।
जीने के लिए खाना हैं, न कि खाने के लिए जीना।
स्वास्थ्य सम्पदा से रहित होनेपर करोड़ों-अरबों के स्वामी भी
कैसे दीन-हीन बनकर रह जाते हैं।
स्वास्थ्य के अभाव में सुख-साधनों का कोई मूल्य नहीं।
इस सम्पदा की रक्षा हर उपाय से करना।
June 15, 2019
May 26, 2019
Quotes & Facts
1. Many traders focus on their results--their P/L--and never make the process
changes that could lead to sustained results.
A great deal of writings in the area of trading psychology emphasize the changes
that traders should make--not actual techniques traders
could employ to make those changes.
February 27, 2019
शिक्षण
(WITHOUT SQUAWKING FOR SITUATUION, TRY TO DEFEAT IT.)
आधी स्वत:चे विचार बदला म्हणजे देश आपोआप बदलेल.
(CHANGE YOUR VISION, HENCE COUNTRY WILL CHANGE AUTOMATICALLY.)
मुलांना शाळेत जावू द्या, शिकु द्या कारण तेच
या देशाचा पाठीचा कणा आहेत.
(LET THEM GO TO SCHOOL, BECAUSE THEY ARE THE BACKBONE OF THE NATION.)
September 7, 2018
February 4, 2018
April 20, 2015
Free Stock Market Software: JStock
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For INDIA :
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Hats Off for the developer of this great software and made it free for everyone.
~ manoj
February 14, 2015
ज्वारीचे धिरडे by उषाबाई रा. चौधरी (माझी आजी)
प्रथम साहित्य:
ज्वारी रात्री भिजवून ठेवावी । ती वाळल्यावर तिचे पीठ दळून घ्यावे .
१ कप मेथिच्या पिठाला- २० कप (20) ज्वारीचे(नवी) पिठ. या प्रमाणात पीठ घ्यावे .
(रात्रभर भिजवून वाळवलेली ज्वारी)
कृती :
प्रथम १ कप मेथीचे पिठ व ४ कप ज्वारीचे पिठ एकत्र करुन पातळसर परंतु गाठी न करता घाटा करावा.
हा घाटा थंड झाल्यावर त्यात उरलेले ज्वारिचे पीठ एकत्र मिसळून रात्रभर ठॆवावे. रात्रितुन हे मिश्रण
फसफसुन येते.
सकाळी धिरडे करताना गरजेपुरते मिश्रण काढून त्यात गरजेपुरते (थोडेसे) मिठ कालवून
ते मिश्रण एकजीव करावे.
तवा तापवून तव्याला पुरेसे तेल लावावे.
नंतर १ कपभर मिश्रण तव्यावर समपातळीत पसरावे. (हाताने)
मिश्रण पसरल्यानंतर चहुबाजूंनी थोडॆ तेल टाकल्यास धिरडॆ लवकर वाकवले जाते.
त्यानंतर तव्यावर झाकण ठॆवावे. साधारण २ मिनीटांनी झाकण काढून
सरट्याने चहुबाजुंनी धिरडे झाल्याचे जाणवले म्हणजे उलटवावे.
तव्यावर असतांनाच अर्ध्या बाजुवर बारिक चिरलेला गुळ व त्यावर थोडे तेल टाकुन धिरड्याची घडी घालावी.
व खाली उतरवावे , आणि गरमा गरम वाढावे …
- By .. स्व. उषाबाई रा. चौधरी (माझी आजी)
For translate use: Google Translate
-- मनोज बोंडेDate: 14-02-2015



























